शब्द सांचा, पींड काचा। राजगुरु का बचन जुग जुग साचा। वज्र पानी पिबेच्चांगे डाकिनी डापिनी रक्षोव सर्वांगे। ऊँ ह्रीं श्रीं चामुण्डा सिंहवाहिनी बीसहस्ती भगवती रत्नमण्डित सोनन की माल । तेल, सुगन्ध, साबुन, पाउडर आदि का उपयोग न करें। ❤ इसे और लोगो (मित्रो/परिवार) के साथ शेयर करे जिससे वह भी https://damiencjeuh.theobloggers.com/46036238/details-fiction-and-amavasya